क्योंकि तू सिर्फ दिखावा है, और हम असली कहानी हैं।
मैं उसे हर गलत चीज से दूर रखना चाहता था,
हमसे उलझने वाले मिट्टी में मिल जाते हैं ,
हम वो हैं जो सामने वाले को झुका दें नज़र से।
जिगर वाले का डर से कोई वास्ता नहीं होता
इस शायरी में आपका एटीट्यूड और बदमाशी का खास मिलन है, जो दिल की बात को तुर्श और मजेदार अंदाज़ में पेश करती है। ये शायरी आपकी दमदार सोच को बयां करती है।
पर उसका असर देखना तेरी हिम्मत से बाहर है
अपनी दुष्टता के सूर्य को जितना ऊँचा चाहो चमकने दो
जो हमारे विरोध में है अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वाम लें,
बदमाश हैं क्योंकि बदमाशी हमें बड़ी प्यारी more info है।
असल चेहरा दिखेगा, पर्दा फिर नहीं उठेगा
सामने सालो का मुंह नही खुलता बस इतना ही काफी है…!
और तुम्हे लगता है मैं तुम्हारी सुनूंगा…!
हरा कर कोई जान भी ले जाए तो मंजूर है मुझको,